Tap to Read ➤

जो तौर है दुनिया का राहत इंदौरी

आज की स्टोरी में जो तौर है दुनिया का राहत इंदौरी शायरी का बेहतरीन चुनिंदा कलेक्शन लेकर आएं ।
जो तौर है दुनिया का उसी तौर से बोलो,
बहरों' का इलाक़ा है ज़रा ज़ोर से बोलो.
एक तेरा ही ख्याल तो है मेरे पास,
वरना कौन अकेले अकेले मुस्कुराता है..
राहत इंदौरी
मुहब्बत न सही मुकद्दमा ही कर दो मुझ पर,
तारीख़ दर तारीख़ तेरा दीदार तो होगा.
राहत इंदौरी शायरी
नफ़रतों के शहर में,
चालाकियों के डेरे हैं..
यहां वो लोग रहते हैं जो तेरे मुँह पर तेरे है,
मेरे मुँह पर मेरे हैं...
राहत इंदौरी शायरी
ज़ब खामोश आँखों से बात होती है,
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,
तुम्हारे ही खयालो में खोये रहते है,
पता नहीं कब दिन कब रात होती है.
कुछ कहा कुछ अनकहा सा रह जाता है
अक्सर तुम्हें देखने के बाद.
क्यों अकेले चलती है तु
मुझे पसंद तो है तेरा साथ..
Rahat Indori Shayari
बिख़री-बिख़री सी है हम दोनों की ये ज़िन्दगी,
तुझे सुकून की चाहत है और मुझे तेरी.
Rahat Indori
राहत इंदौरी साहब की ऐसी और शायरियां पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।
और पढ़ें