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किसी दिन तेरी नजरों से दूर - Maut Shayari

आज की स्टोरी में Maut Shayari का बेहतरीन  चुनिंदा कलेक्शन लेकर आएं है.
मौत-ओ-हस्ती की कशमकश में कटी उम्र तमाम गम ने जीने न दिया शौक ने मरने न दिया
अब मौत से कह दो कि नाराज़गी खत्म कर ले वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िंदा थे
मौत शायरी इन
जरा चुपचाप तो बैठो कि दम आराम से निकले इधर हम हिचकी लेते हैं उधर तुम रोने लगते हो..
न उड़ाओ यूं ठोकरों से मेरी खाके कब्र ज़ालिम, यही एक रह गई है मेरे प्यार की निशानी..
Maut Shayari in Hindi
मौत ने चुपके से ना जाने क्या कहा
और जिंदगी खामोश हो कर रह गयी
मेरी ज़िन्दगी तो गुजरी तेरे हिज्र के सहारे, मेरी मौत को भी कोई बहाना चाहिए.
मौत-ओ-हस्ती की कशमकश में कटी उम्र तमाम, गम ने जीने न दिया शौक ने मरने न दिया.
मिल जाएँगे कुछ हमारी भी तारीफ़ करने वाले, कोई हमारी मौत की अफवाह तो उड़ाओ यारों..
मौत शायरी
पढ़िए Maut Shayari in hindi की बेहतरीन शायरियां!
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