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Rahat Indori love shayari

आज की स्टोरी में Rahat Indori love shayari, rahat indori shayari on love का बेहतरीन बेहतरीन चुनिंदा कलेक्शन लेकर आएं है.
वक्त ने कहा काश थोड़ा और सब्र होता सब्र ने कहा काश थोड़ा और वक्त होता..
छू गया जब कभी ख्याल तेरा दिल मेरा देर तक धड़कता रहा कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया था घर में और घर देर तक महकता रहा..
आगे सफर था और पिछे हमसफ़र था रूकते तो सफर छूट जाता चलते तो हमसफ़र छूट जाता..
rahat indori shayari love
rahat indori love shayari
ऐसी सर्दी है की, सुरज भी दुहाई माँगे जो हो प्रदेश में
वो किससे रजाई माँगे..
राहत इंदौरी लव शायरी
मैं वो दरिया हूँ कि हर बूँद भंवर है जिसकी तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके..
मुद्दत का सफर भी था और बरसों का हमसफ़र भी था रूकते तो बिछड़ जाते और चलते तो बिखर जाते..
मैं वो दरिया हूँ कि हर बूँद भंवर है जिसकी तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके..
मैंने अपनी खुश्क आँखों से लहू छलका दिया, इक समंदर कह रहा था मुझको पानी चाहिए
Rahat Indori shayari
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